प्रकाश का परावर्तन (Reflection of light),
Class 10th, Lesson-1, 2026-2027

       प्रकाश हमारे जीवन का एक अत्यंत महत्वपूर्ण भाग है। यदि प्रकाश न हो तो हम किसी भी वस्तु को देख नहीं सकते। दिन में सूर्य तथा रात में विभिन्न प्रकाश स्रोत हमें देखने की क्षमता प्रदान करते हैं। जब प्रकाश किसी वस्तु पर पड़ता है तो वह परावर्तित होकर हमारी आँखों तक पहुँचता है, तभी हमें वस्तु दिखाई देती है। इसी कारण प्रकाश का अध्ययन विज्ञान में अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। 

प्रकाश क्या है?

प्रकाश ऊर्जा का एक ऐसा रूप है जो हमारी आँखों में दृश्य संवेदना (Vision) उत्पन्न करता है, जिससे हम वस्तुओं को देख पाते हैं।

                                 या

जिस ऊर्जा के कारण हमें वस्तुएँ दिखाई देती हैं, उसे प्रकाश कहते हैं।

                                 

                 

प्रकाश के स्रोत दो प्रकार के होते हैं

1. प्राकृतिक स्रोत (Natural Sources)

  • सूर्य
  • तारे
  • जुगनू 

2. कृत्रिम स्रोत (Artificial Sources)

  • बल्ब
  •  मोमबत्ती
  • LED लाइट 

प्रकाश की मुख्य विशेषताएँ

  1. प्रकाश ऊर्जा का एक रूप है।
  2. प्रकाश सीधी रेखा में चलता है।
  3. प्रकाश की गति बहुत अधिक होती है।
  4. प्रकाश निर्वात (Vacuum) में भी चल सकता है।
  5. प्रकाश के कारण ही हम वस्तुओं को देख पाते हैं। 

प्रकाश की चाल

निर्वात में प्रकाश की चाल:

c=3×108 m/s

अर्थात प्रकाश 1 सेकंड में लगभग 3 लाख किलोमीटर की दूरी तय कर सकता है।

प्रदीप्त वस्तुएँ (Luminous Objects)

वे वस्तुएँ जो स्वयं प्रकाश उत्पन्न करती हैं, प्रदीप्त वस्तुएँ कहलाती हैं।

उदाहरण:

  • सूर्य 
  • तारे 
  • जलता हुआ बल्ब
  • मोमबत्ती 
  • जुगनू

अप्रदीप्त वस्तुएँ (Non-Luminous Objects)

वे वस्तुएँ जो स्वयं प्रकाश उत्पन्न नहीं करतीं, बल्कि किसी अन्य स्रोत के प्रकाश को परावर्तित करके दिखाई देती हैं, अप्रदीप्त वस्तुएँ कहलाती हैं।

उदाहरण:

  •  चंद्रमा
  • पुस्तक
  • मेज
  • पेड़
  • मनुष्य

 

प्रकाश का प्रकीर्णन (Scattering of Light)

जब प्रकाश की किरणें वायुमंडल में उपस्थित धूलकणों, धुएँ, जल की सूक्ष्म बूंदों अथवा अन्य सूक्ष्म कणों से टकराकर विभिन्न दिशाओं में फैल जाती हैं, तो इस घटना को प्रकाश का प्रकीर्णन कहते हैं।

या

      प्रकाश का छोटे-छोटे कणों से टकराकर चारों ओर फैल जाना, प्रकाश का प्रकीर्णन कहलाता है।

 

उदाहरण

1. आकाश का नीला दिखाई देना

सूर्य के प्रकाश में सात रंग होते हैं। नीले रंग का प्रकीर्णन सबसे अधिक होता है, इसलिए आकाश नीला दिखाई देता है।

2. सूर्योदय और सूर्यास्त के समय सूर्य लाल दिखाई देना

लाल रंग का प्रकीर्णन सबसे कम होता है, इसलिए सूर्योदय और सूर्यास्त के समय सूर्य लाल दिखाई देता है।

3. कोहरे में वाहन की हेडलाइट का फैलना

कोहरे के सूक्ष्म कण प्रकाश का प्रकीर्णन करते हैं।

रेले का नियम (Rayleigh’s Law)

जिस रंग की तरंगदैर्ध्य (Wavelength) कम होती है, उसका प्रकीर्णन अधिक होता है।

बैंगनी > नीला > हरा > पीला > नारंगी > लाल

अर्थात् नीले प्रकाश का प्रकीर्णन लाल प्रकाश से अधिक होता है।

किरण (Ray) क्या है?

प्रकाश के संचरण की दिशा को दर्शाने वाली सीधी रेखा को प्रकाश किरण (Light Ray) कहते हैं।

या

प्रकाश जिस मार्ग पर चलता है, उस मार्ग को दर्शाने वाली रेखा किरण कहलाती है।

उदाहरण

               ☀️→ → → → →🌳

किरणपुंज (Beam of Light) क्या है?

जब बहुत सारी प्रकाश किरणें एक साथ चलती हैं, तो उनके समूह को किरणपुंज (Beam of Light) कहते हैं।

या

प्रकाश किरणों के समूह को किरणपुंज कहते हैं।

उदाहरण

  • टॉर्च से निकलने वाला प्रकाश
  • कार की हेडलाइट
  • प्रोजेक्टर का प्रकाश

किरणपुंज मुख्यतः 3 प्रकार के होते हैं।

1. समान्तर किरणपुंज (Parallel Beam)

इसमें सभी किरणें एक-दूसरे के समान्तर चलती हैं।

उदाहरण

सूर्य से पृथ्वी पर आने वाली किरणें लगभग समान्तर मानी जाती हैं।

2. अभिसारी किरणपुंज (Convergent Beam)

जिस किरणपुंज की सभी किरणें एक बिंदु की ओर मिलती हैं, उसे अभिसारी किरणपुंज कहते हैं।

उदाहरण

अवतल दर्पण या उत्तल लेंस द्वारा फोकस पर एकत्रित किरणें।

3. अपसारी किरणपुंज (Divergent Beam)

जिस किरणपुंज की किरणें एक बिंदु से निकलकर चारों ओर फैलती हैं, उसे अपसारी किरणपुंज कहते हैं।

उदाहरण

बल्ब या मोमबत्ती से निकलने वाला प्रकाश।

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